जीवन की परिस्थितियो में ही हमें perfect बनना है



 जीवन की परिस्थितियो में ही हमें perfect बनना है

सहनशक्ति,समाने की शक्ति, muscles है बुद्धि की(Mental muscles) हमें अपनी शक्तियों  को सक्रिय रखना है।

challenges  का आह्वान करना है। 

परिस्थितियां ही perfect बनने का साधन है।


  तो हमें accurate कर्म जीवन मे रहते हुए,कर्म करते हुए ही सीखना है जिसमें अपने ध्यान (एकाग्रता)को केंद्रित रखना है और अपने अंदर निहित गुणों और शक्तियों को भी कार्य में लगाना है और हर जीवन की छोटी बड़ी परीक्षा में पास होना है ।


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