एक भावुक इंसान कभी भी बातों को सही परिपेक्ष में नहीं समझ सकता। वह उसके जीवन में घटित होने वाली परिस्थितियों को भी ठीक रीति नहीं समझ सकता,कि क्यों आ रही है,क्या इशारा दे रही है। हमें कौन से बदलाव की तरफ इशारा कर रही है। इसके लिए मानसिक रूप से शक्तिशाली होने की आवश्यकता हो हर कोई जीवन में *खुश* रहना चाहता है ,पर उसके लिए कभी किसी दूसरे की खुशी न छीने। कहां *एक जगह खाई हुई हार/ असफलता/निराशा का असर जीवन के दूसरे पहलूओं पर न आने दें* जो ठीक है।हमेशा *आशावादी* रहे। इसे एक ही बार में पूरी तरह नियंत्रित करने की कोशिश न करें।इसे समझें। *जो है उसे ठीक निभाएं* पहले, उसमें से जीवन में प्राप्तियों करने का *सलीका सीखें।* *कदर करना* सीखें, *खुद* की, *दूसरों* की, *समय* की, *वर्तमान* की अपने को प्राप्त *अवसरों* की,अपनी *खूबीयों* की। आपके हर छोटा *प्रयास* *मूल्यवान* है,आपके *हिम्मत* और *विश्वास* में उठाया हर कदम ,आपकी *तकदीर* को पलटने की ताक़त रखता है, आपको मंजिल की ओर ले जाने वाला है।भले मंजिल दूर लगे पर शुरूवात *एक कदम* से ही होती है।आपका उठाया हर एक कदम आपको आगे *रास्ता* दिखाएगा और...