Body language and interpersonal skills.

 



Body language and interpersonal skills.


अगर हमारे अंदर अगर सत्यता है तो हम स्थिर होगें,अचल,अडोल (stable)होगें।


Cool ,calm and confident होगें।अगर हम अंदर एक बाहर दूसरे होंगे तो हमेशा एक भय रहेगा पकड़े जाने का,संशय(doubt)रहेगा अपनी ही खुद की बातों पर,हर समय एक प्रकार की अनिश्चितता(insecurity)महसूस होगी।


जिससे हमारा मन अनेक तरह के विचार करेगा,क्यों,क्या,कैसे,ऐसे,वैसे, सही,ग़लत।

अगर हम सत्य है तो हमारे नयन स्थिर होगें,हाथ,पावं सब स्थिर होगें।

यह सत्यता जुड़ी हुई है आत्मा के असली स्वभाव से,उसके मूल गुणों से। जिससे हम जो है जैसे है उसे वैसे दर्शाने से हमारे अंदर की अस्थिरता खत्म होगी।

हमारी वाणी में conviction होगा, चेहरे पर तेज होगा।सत्यता आत्मविश्वास और निर्भयता को साथ लाएगी।

और यही हमारे सम्पूर्ण व्यक्तित्व को आकर्षण(attractive)मय और चुंबकीय(magnetic )बनाएगा और हम जो कार्य करेंगे ,जो बोल बोलेंगे, जिससे मिलेंगे  हर जगह अपना अलग ही प्रभाव छोड़ेंगे।

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