Posts

Showing posts from 2026

श्रीमद्भगवद्गीता: Explanation in detail vs Practical application in Life.

Image
https://m.youtube.com/watch?v=rxYNcvN_84U श्रीमद्भगवद्गीता: प्रमुख अंतर्दृष्टि एवं शिक्षाएँ कार्यकारी सारांश श्रीमद्भगवद्गीता एक कालातीत ग्रंथ है जो जीवन जीने की कला सिखाता है। इसका ज्ञान भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र में मोहग्रस्त और कर्तव्य-विमुख हुए अर्जुन को दिया था। यह दस्तावेज़ गीता के अठारह अध्यायों में निहित प्रमुख विषयों, दार्शनिक सिद्धांतों और व्यावहारिक शिक्षाओं का एक व्यापक संश्लेषण प्रस्तुत करता है। गीता का केंद्रीय संदेश यह है कि व्यक्ति को अपने दुखों और संघर्षों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए, जो अक्सर मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर होते हैं। गीता तीन मुख्य मार्गों का प्रतिपादन करती है: कर्मयोग (परिणामों की आसक्ति के बिना अपने कर्तव्यों का पालन करना), ज्ञानयोग (आत्मा और परमात्मा की वास्तविक प्रकृति को समझना), और भक्तियोग (ईश्वर के प्रति पूर्ण प्रेम और समर्पण)। यह प्रकृति के तीन गुणों—सत्व (शुद्धता), रजस (जुनून), और तमस (अज्ञान)—की व्याख्या करती है, जो सभी भौतिक अस्तित्व को नियंत्रित करते हैं। इन गुणों से ऊपर उठकर, अपने वास्तविक स्वरूप (अमर आत्मा) क...